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Tarkeshwar Sharma "Radhey"

Tarkeshwar Nath Sharma
 (Tarkeshwar "Radhey")


● Date of Birth
    05 Feb.

●Education
  Graduation in JPU, Chchapra (Bihar)
  BE(Mechanical) New Delhi

●Occupation
   Singer, Actor & Engineer

●Live
   New Delhi


















●Social Media
   






●Refrence
  1.  http://punsong.com/videos/today/hlNFOw3dBAs/maiya-rani-singer-by-tarkeshwar-radhey.html
  2. http://bubblepot.co/tarkeshwar-radhe-at111999552
  3. http://sanimahall.com/videos/4450/flying-kiss-bhauji-na-kahi-tarkeshwar-radhey-bhojpuri
  4. http://www.raaga.com/bhojpuri/singer/Tarkeshwar-Radhey
  5. https://www.bollywoodmantra.com/video/flying-kiss-baat-hamaro-mani-tarkeshwar-radhey-bhojpuri/
  6. http://mio.to/artist/Tarkeshwar+Radhe
  7. http://bhojpurisaavn.com/radha-rani-karo-hum-pe-raham.html


Please Note:- आपके पास About Actor Tarkeshwar Radhey In Hindi मैं और Information हैं, या दी गयी जानकारी मैं कुछ गलत लगे तो तुरंत हमें कमेंट या ईमेल मैं लिखे हम इस अपडेट करते रहेंगे।


Narendra Modi

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नरेन्द्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली और वे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री हैं जिनका जन्म आजादी के बाद हुआ है। ऊर्जावान, समर्पित एवं दृढ़ निश्चय वाले नरेन्द्र मोदी एक अरब से अधिक भारतीयों की आकांक्षाओं और आशाओं के द्योतक हैं।

मई 2014 में अपना पद संभालने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी चहुंमुखी और समावेशी विकास की यात्रा पर निकल पड़े हैं जहां हर भारतीय अपनी आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा कर सके। वे 'अंत्योदय', अर्थात, अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाने के सिद्धांत से अत्यधिक प्रेरित हैं।

नवीन विचारों और पहल के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रगति की रफ्तार तेज हो और हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। अब शासन मुक्त है, इसकी प्रक्रिया आसान हुई है एवं इसमें पारदर्शिता आई है।

पहली बार प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से अभूतपूर्व बदलाव आया है जिसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि देश के सभी नागरिक वित्तीय तंत्र में शामिल हों। कारोबार को आसान बनाने के अपने लक्ष्य को केंद्र में रखकर 'मेक इन इंडिया' के उनके आह्वान से निवेशकों और उद्यमियों में अभूतपूर्व उत्साह और उद्यमिता के भाव का संचार हुआ है। 'श्रमेव जयते' पहल के अंतर्गत श्रम सुधारों और श्रम की गरिमा से लघु और मध्यम उद्योगों में लगे अनेक श्रमिकों का सशक्तिकरण हुआ है और देश के कुशल युवाओं को भी प्रेरणा मिली है।

पहली बार भारत सरकार ने भारत के लोगों के लिए तीन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की शुरुआत की और साथ-ही-साथ बुजुर्गों को पेंशन एवं गरीबों को बीमा सुरक्षा देने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। जुलाई 2015 में प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया बनाने के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया मिशन की शुरुआत की ताकि प्रौद्योगिकी की मदद से लोगों के जीवन में बेहतर बदलाव लाए जा सकें।

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2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री ने 'स्वच्छ भारत मिशन – देशभर में स्वच्छता के लिए एक जन-आंदोलन' की शुरुआत की। इस अभियान की व्यापकता एवं इसका प्रभाव ऐतिहासिक है।

नरेन्द्र मोदी की विदेश नीति से संबंधित विभिन्न पहल में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की वैश्विक मंच पर वास्तविक क्षमता एवं भूमिका की छाप दिखती है। उन्होंने सभी सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में अपने कार्यकाल की शुरुआत की। संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए उनके भाषण की दुनिया भर में प्रशंसा हुई। नरेन्द्र मोदी भारत के ऐसे प्रथम प्रधानमंत्री बने जिन्होंने 17 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद नेपाल, 28 वर्ष बाद ऑस्ट्रेलिया, 31 वर्ष बाद फिजी और 34 वर्ष बाद सेशेल्स की द्विपक्षीय यात्रा की। पदभार ग्रहण करने के बाद से नरेन्द्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, सार्क और जी-20 शिखर सम्मेलनों में भाग लिया, जहां अनेक प्रकार के वैश्विक, आर्थिक और राजनैतिक मुद्दों पर भारत के कार्यक्रमों एवं विचारों की जबर्दस्त सराहना की गई। जापान की उनकी यात्रा से भारत-जापान संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हुई। वे मंगोलिया की यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय प्रधानमंत्री हैं और चीन व दक्षिण कोरिया की उनकी यात्राएं भारत में निवेश लाने की दृष्टि से कामयाब रही हैं। फ्रांस और जर्मनी की अपनी यात्रा के दौरान वे यूरोप के साथ निरंतर जुड़े रहे।

श्री नरेन्द्र मोदी ने अरब देशों के साथ मजबूत संबंधों को काफी महत्व दिया है। अगस्त 2015 में संयुक्त अरब अमीरात की उनकी यात्रा 34 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी जिसके दौरान उन्होंने खाड़ी देशों के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर पहल की। जुलाई 2015 में श्री मोदी ने पांच मध्य एशियाई देशों का दौरा किया। यह यात्रा अपने-आप में खास एवं विशेष रही। भारत और इन देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, संस्कृति और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते हुए। अक्टूबर 2015 में नई दिल्ली में ऐतिहासिक भारत-अफ्रीका फोरम सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें 54 अफ्रीकी देशों ने भाग लिया। 41 अफ्रीकी देशों के नेताओं ने इस सम्मेलन में भाग लिया जिसमें भारत-अफ्रीका संबंधों को मजबूत बनाने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। स्वयं प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में भाग लेने आये अफ्रीकी नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

नवंबर 2015 में प्रधानमंत्री ने सीओपी-21 शिखर सम्मेलन में भाग लिया जहाँ उन्होंने विश्व के अन्य नेताओं के साथ जलवायु परिवर्तन पर विचार-विमर्श किया। श्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति ओलांद ने उर्जा संबंधित आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु सौर ऊर्जा का समुचित उपयोग करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सौर एलायंस का उद्घाटन किया।

अप्रैल 2016 में प्रधानमंत्री ने परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में भाग लिया जिसमें उन्होंने विश्व मंच पर परमाणु सुरक्षा के महत्व के बारे में एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने सऊदी अरब का दौरा किया जहां उन्हें सऊदी अरब के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, किंग अब्दुलअजीज सैश से सम्मानित किया गया।

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी अबॉट, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एवं जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल सहित विश्व के कई अन्य नेताओं ने भारत का दौरा किया है एवं इन दौरों से भारत व इन देशों के बीच सहयोग सुधारने में सफलता मिली है। वर्ष 2015 के गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति बराक ओबामा प्रमुख अतिथि के रूप में भारत दौरे पर आए जो भारत-अमेरिका संबंधों के इतिहास में पहली बार हुआ है। अगस्त 2015 में भारत ने एफआईपीआईसी शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जिसमें प्रशांत द्वीप समूह के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रशांत द्वीप समूह के साथ भारत के संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।

किसी भी एक दिन को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मनाए जाने के नरेन्द्र मोदी के आह्वान को संयुक्त राष्ट्र में जबर्दस्त समर्थन प्राप्त हुआ। पहली बार विश्व भर के 177 देशों ने एकजुट होकर 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मनाए जाने का संकल्प संयुक्त राष्ट्र में पारित किया।

उनका जन्म 17 सितम्बर 1950 को गुजरात के छोटे से शहर में हुआ जहां वे गरीब किन्तु स्नेहपूर्ण परिवार में बड़े हुए। जीवन की आरंभिक कठिनाइयों ने न केवल उन्हें कठिन परिश्रम का मूल्य सिखाया बल्कि उन अपरिहार्य दुखों से भी परिचित कराया जिससे आम जनों को अपने दैनिक जीवन में गुजरना पड़ता है। इससे उन्हें अल्पायु में ही स्वयं को आमजन एवं राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने की प्रेरणा मिली। प्रारंभिक वर्षों में उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित राष्ट्रवादी संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ कार्य किया एवं इसके उपरांत वे राज्य स्तर व राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी संगठन के साथ कार्य करते हुए राजनीति से जुड़ गए।

वर्ष 2001 में वे अपने गृह राज्य गुजरात के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में चार गौरवपूर्ण कार्यकाल पूरे किए। उन्होंने विनाशकारी भूकंप के दुष्प्रभावों से जूझ रहे गुजरात को विकास रुपी इंजन के रूप में परिवर्तित कर दिया जो आज भारत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

नरेन्द्र मोदी एक जन-नेता हैं जो लोगों की समस्याओं को दूर करने तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्हें लोगों के बीच जाना, उनकी खुशियों में शामिल होना तथा उनके दुखों को दूर करना बहुत अच्छा लगता है। जमीनी स्तर पर लोगों के साथ गहरा निजी संपर्क होने के साथ-साथ वे ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं। तकनीक के प्रति प्रेम एवं उसमें समझ रखने वालों नेताओं में वे भारत के सबसे बड़े राजनेता हैं। वेबसाइट के माध्यम से लोगों तक पहुंचने और उनके जीवन में बदलाव लाने के लिए वे हमेशा कार्यरत हैं। वे सोशल मीडिया, जैसे – फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस, इन्स्टाग्राम, साउंड क्लाउड, लिंक्डइन, वीबो तथा अन्य प्लेटफार्म पर भी काफी सक्रिय हैं।

राजनीति के अलावा नरेन्द्र मोदी को लेखन का भी शौक है। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें कविताएं भी शामिल हैं। वे अपने दिन की शुरुआत योग से करते हैं। योग उनके शरीर और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है एवं बेहद भागदौड़ की दिनचर्या में उनमें शांति का संचार करता है।

वे साहस, करुणा और विश्वास से पूर्ण एक ऐसे व्यक्ति हैं जिसे देश ने इस विश्वास के साथ अपना जनादेश दिया है कि वे भारत का पुनरुत्थान करेंगे और उसे दुनिया का पथ–प्रदर्शक बनाएंगे।

बराक ओबामा - चुटकीले

बड़ा आदमी एक बार अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी कार खुद ही चला रहे थे

 और ड्राइवर पीछे बैठा था। उनसे गलती से रेड लाइट पार हो गई।
 
ट्रैफिक पुलिस हवलदार ने कार रोक ली और पास आकर गाड़ी में झांकने के बाद अपने अधिकारी को फोन किया,

 'हैलो सर लाइट जंप केस है पर बहुत बड़ा आदमी है। चालान नहीं काट पा रहा हूं।
 
 अधिकारी : पता करो कौन है? हवलदार : यह तो नहीं पता पर उसने बराक ओबामा जी को ड्राइवर रखा हुआ है! 

Dr Rajendra Prasad

राष्ट्रपति के सूचि में पहला नाम डॉ राजेन्द्र प्रसाद का आता है। जो भारतीय संविधान के आर्किटेक्ट और आज़ाद भारत के पहले राष्ट्रपति भी थे। उनका जन्म 1884 में हुआ था और डॉ प्रसाद, महात्मा गांधी के काफी करीबी सहयोगी भी थे। इसी वजह से वे भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में भी शामिल हो गए थे और बाद में बिहार क्षेत्र के प्रसिद्ध नेता बने। नमक सत्याग्रह के वे सक्रीय नेता थे और भारत छोडो आंदोलन में भी उन्होंने भाग लिया था और ब्रिटिश अधिकारियो को घुटने टेकने पर मजबूर किया था।
Dr. Rajendra Prasad
पूरा नाम    – राजेंद्र प्रसाद महादेव सहाय
जन्म        – 3 दिसंबर 1884
जन्मस्थान – जिरादेई (जि. सारन, बिहार)
पिता        – महादेव
माता        – कमलेश्वरी देवी
शिक्षा      – *1907  में कोलकता विश्वविद्यालय से M.A., 1910 में बॅचलर ऑफ लॉ उत्तीर्ण, 1915 में मास्टर ऑफ लॉ उत्तीर्ण।
विवाह      – राजबंस देवी के साथ
डॉ. राजेंद्र प्रसाद – Dr Rajendra Prasad in Hindi
Dr Rajendra Prasad भारतीय लोकतंत्र के पहले राष्ट्रपति थे। साथ ही एक भारतीय राजनीती के सफल नेता, और प्रशिक्षक वकील थे। भारतीय स्वतंत्रता अभियान के दौरान ही वे भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस में शामिल हुए और बिहार क्षेत्र से वे एक बड़े नेता साबित हुए। महात्मा गांधी के सहायक होने की वजह से, प्रसाद को ब्रिटिश अथॉरिटी ने 1931 के नमक सत्याग्रह और 1942 के भारत छोडो आन्दोलन में जेल में डाला। राजेन्द्र प्रसाद ने 1934 से 1935 तक राष्ट्रपति के रूप में भारत की सेवा की। और 1946 के चुनाव में सेंट्रल गवर्नमेंट की फ़ूड एंड एग्रीकल्चर मंत्री के रूप में सेवा की। 1947 में आज़ादी के बाद, प्रसाद को संघटक सभा में राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया।
और 1950 में भारत जब स्वतंत्र गणतंत्र बना, तब अधिकारिक रूप से संघटक सभा द्वारा भारत का पहला राष्ट्रपति चुना गया। इसी तरह 1951 के चुनावो में, चुनाव निर्वाचन समिति द्वारा उन्हें वहा का अध्यक्ष चुना गया। राष्ट्रपति बनते ही प्रसाद ने कई सामाजिक भलाई के काम किये, कई सरकारी दफ्तरों की स्थापना की और उसी समय उन्होंने कांग्रेस पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। और राज्य सरकार के मुख्य होने के कारण उन्होंने कई राज्यों में पढाई का विकास किया कई पढाई करने की संस्थाओ का निर्माण किया और शिक्षण क्षेत्र के विकास पर ज्यादा ध्यान देने लगे। उनके इसी तरह के विकास भरे काम को देखकर 1957 के चुनावो में चुनाव समिति द्वारा उन्हें फिर से राष्ट्रपति घोषित किया गया और वे अकेले ऐसे व्यक्ति बने जिन्हें लगातार दो बार भारत का राष्ट्रपति चुना गया।
एक नजर में  डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जानकारी – About Dr Rajendra Prasad In Hindi
  • 1906 में राजेंद्र बाबु के पहल से 'बिहारी क्लब' स्थापन हुवा था। उसके सचिव बने।
  • 1908 में राजेंद्र बाबु ने मुझफ्फरपुर के ब्राम्हण कॉलेज में अंग्रेजी विषय के अध्यापक की नौकरी मिलायी और कुछ समय वो उस कॉलेज के अध्यापक के पद पर रहे।
  • 1909 में कोलकत्ता सिटी कॉलेज में अर्थशास्त्र इस विषय का उन्होंने अध्यापन किया।
  • 1911 में राजेंद्र बाबु ने कोलकता उच्च न्यायालय में वकीली का व्यवसाय शुरु किया।
  • 1914 में बिहार और बंगाल इन दो राज्ये में बाढ़ के वजह से हजारो लोगोंको बेघर होने की नौबत आयी। राजेंद्र बाबु ने दिन-रात एक करके बाढ़ पीड़ितों की मदत की।
  • 1916 में उन्होंने पाटना उच्च न्यायालय में वकील का व्यवसाय शुरु किया।
  • 1917 में महात्मा गांधी चंपारन्य में सत्याग्रह गये ऐसा समझते ही राजेंद्र बाबु भी वहा गये और उस सत्याग्रह में शामिल हुये।
  • 1920 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में वो शामील हुये। इसी साल में उन्होंने 'देश' नाम का हिंदी भाषा में साप्ताहिक निकाला।
  • 1921 में राजेंद्र बाबुने बिहार विश्वविद्यालय की स्थापना की।
  • 1924 में पाटना महापालिका के अध्यक्ष के रूप में उन्हें चुना गया।
  • 1928 में हॉलंड में 'विश्व युवा शांति परिषद' हुयी उसमे राजेंद्र बाबुने भारत की ओर से हिस्सा लिया और भाषण भी दिया।
  • 1930 में अवज्ञा आंदोलन में ही उन्होंने हिस्सा लिया। उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेजा गया। जेल में बुरा भोजन खाने से उन्हें दमे का विकार हुवा। उसी समय बिहार में बड़ा भूकंप हुवा। खराब तबियत की वजह से उन्हें जेल से छोड़ा गया। भूकंप पीड़ितों को मदत के लिये उन्होंने 'बिहार सेंट्रल टिलिफ'की कमेटी स्थापना की। उन्होंने उस समय २८ लाख रूपयोकी मदत इकठ्ठा करके भूकंप पीड़ितों में बाट दी।
  • 1934 में मुबंई यहा के कॉग्रेस के अधिवेशन ने अध्यपद कार्य किया।
  • 1936 में नागपूर यहा हुये अखिल भारतीय हिंदी साहित्य संमेलन के अध्यक्षपद पर भी कार्य किया।
  • 1942 में 'छोडो भारत' आंदोलन में भी उन्हें जेल जाना पड़ा।
  • 1946 में पंडित नेहरू के नेतृत्व में अंतरिम सरकार स्थापन हुवा। गांधीजी के आग्रह के कारन उन्होंने भोजन और कृषि विभाग का मंत्रीपद स्वीकार किया।
  • 1947 में राष्ट्रिय कॉग्रेस के अध्यक्ष पद पर चुना गया। उसके पहले वो घटना समिती के अध्यक्ष बने। घटना समीति को कार्यवाही दो साल, ग्यारह महीने और अठरा दिन चलेगी। घटने का मसौदा बनाया। 26 नव्हंबर, 1949 को वो मंजूर हुवा और 26 जनवरी, 1950 को उसपर अमल किया गया। भारत प्रजासत्ताक राज्य बना। स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति होने का सम्मान राजेन्द्रबाबू को मिला।
  • 1950 से 1962 ऐसे बारा साल तक उनके पास राष्ट्रपती पद रहा। बाद में बाकि का जीवन उन्होंने स्थापना किये हुये पाटना के सदाकत आश्रम में गुजारा।
हम डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को आज़ाद भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में याद करते है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता अभियान में भी मुख्य भूमिका निभाई थी और संघर्ष करते हुए देश को आज़ादी दिलवायी थी।
डॉ. राजेन्द्र प्रसाद में भारत का विकास करने की चाह थी। वे लगातार भारतीय कानून व्यवस्था को बदलते रहे और उपने सहकर्मियों के साथ मिलकर उसे और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करने लगे। हम भी भारत के ही रहवासी है हमारी भी यह जिम्मेदारी बनती है की हम भी हमारे देश के विकास में सरकार की मदद करे।ताकि दुनिया की नजरो में हम भारत का दर्जा बढ़ा सके।
Dr Rajendra Prasad Books / ग्रंथसंपदा  :-
  • डीव्हायडेड इंडिया
  • आत्मकथा
  • चंपारन्य सत्याग्रह का इतिहास आदी
Dr Rajendra Prasad Awards – पुरस्कार  :  1962 में 'भारतरत्न' ये सर्वोच्च भारतीय सम्मान उनको प्रदान किया गया।
Dr Rajendra Prasad Death – मृत्यू  :  28 फरवरी 1963 को उनकी मौत हुयी।
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Note:- E-MAIL Subscription करे और पायें Essay On Short Biography Of Dr Rajendra Prasad In Hindi For Students आपके ईमेल पर।

How to Create a Contact Form in Blogger Page

The Benefits of Official Blogger Form
  1. You will get the message as soon as one sends it. And, the deliverability is 100% as well.
  2. The simple interface makes it easy for the visitors to contact you.
  3. If you know Cascade Style Sheet (CSS) language, it will be easy for you to customize the form as per your liking.
  4. The entire page will not get reloaded for sending the message.
I have divided this tutorial into three sections, adding the contact gadget, hiding it and implementing the official code in a new page.
Part – 1: Adding the Contact Gadget
Follow the steps given below to add a contact us gadget on your blog.
Step 1: Visit blogger.com and log in to your account. If you are running multiple blogs, you need to choose the desired blog from the list.
Step 2: Click on Layout from the left sidebar to get an option to add gadgets.
Step 3: You can see an Add a Gadget link on the main panel on the right side. Clicking on it will bring you to a list of gadgets.
Step 4: Then, choose More gadgets from the left side. Now, you will see Contact Form. Just add the same.
Part – 2: Hiding the Gadget
Now, you are going to learn how to hide the contact gadget.
Step 1: We need to play with the template section here. So, click on Templates from the left menu.
Step 2: Then, click on Edit HTML and you will be provided with the whole code of your blog in a large field.
Step 3: Search for ]]></b:skin> and place the following code just before it.
div#ContactForm1 {
display: none !important;
}
Then, click Save to retain the changes.
After the third step, you will not see Contact widget on your blog.
Part – 3: Adding Contact Form to a Page
You will get the customized official blogger contact form code here to be added to be shown on a separate page.
Step 1: Go to Pages and click on New page.
Step 2: Paste the following code into the HTML post editor after removing everything in it.
<div id="custom_ContactForm1" class="widget ContactForm">
<div class="contact-form-widget">
<p>Get in touch with us by filling out the form below.</p>
<div class="form">
<form name="contact-form">
<p></p>
Name
<br>
<input type="text" value="" size="30" name="name" id="ContactForm1_contact-form-name" class="contact-form-name">
<p></p>
Email
<span style="font-weight: bolder;">*</span>
<br>
<input type="text" value="" size="30" name="email" id="ContactForm1_contact-form-email" class="contact-form-email">
<p></p>
Message
<span style="font-weight: bolder;">*</span>
<br>
<textarea rows="5" name="email-message" id="ContactForm1_contact-form-email-message" cols="25" class="contact-form-email-message"></textarea>
<p></p>
<input type="button" value="Send" id="ContactForm1_contact-form-submit" class="contact-form-button contact-form-button-submit">
<p></p>
<div style="text-align: center; max-width: 222px; width: 100%">
<p id="ContactForm1_contact-form-error-message" class="contact-form-error-message"></p>
<p id="ContactForm1_contact-form-success-message" class="contact-form-success-message"></p>
</div>
</form>
</div>
</div>
<div class="clear"></div>
<span class="widget-item-control">
<span class="item-control blog-admin">
<a title="Edit" target="configContactForm1" onclick="return _WidgetManager._PopupConfig(document.getElementById("ContactForm1"));" href="//www.blogger.com/rearrange?blogID=
8799058979810298021&widgetType=ContactForm&widgetId=ContactForm1&action=editWidget&sectionId=sidebar-right-1" class="quickedit">
<img width="18" height="18" src="//img1.blogblog.com/img/icon18_wrench_allbkg.png" alt="">
</a>
</span>
</span>
<div class="clear"></div>
</div>

Step 3: Add a title (like Contact Us) and then change the settings given right as given below.
Step 4: Finally, click the Publish button. That’s all.
The messages send from this contact form will be delivered to the admin email. If the blog has more than one admin, all of them will get it.

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