कानून का क्लास

क़ानून की एक क्लास में …

प्रोफ़ेसर – "मान लो तुम किसी को एक संतरा देते हो … तो क्या कह कर दोगे ?"

विद्यार्थी – "ये संतरा लो … !"

प्रोफ़ेसर – "ऐसे नहीं … एक एडवोकेट की तरह बोलो …!"

विद्यार्थी – "मै एतद द्वारा अपनी पूरी इच्छा और बिना किसी दवाब के इस फल को जो संतरा कहलाता है, उसके छिलके, रस, गूदे और बीज समेत अमुक व्यक्ति को देता हूँ और साथ ही इस बात का पूर्ण अधिकार भी देता हूँ कि इसे लेने वाला इसे काटने, छीलने, फ्रिज में रखने या खाने के लिए स्वतंत्र होगा और साथ ही यह अधिकार भी रखेगा कि इसे वह किसी दूसरे व्यक्ति को छिलके, रस, गूदे और बीज के बिना या उसके साथ दे सकता है और इस हस्तांतरण के  बाद इस संतरे से मेरा किसी भी प्रकार का कोई सम्बन्ध नहीं रह जाएगा !!!"

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